Considerations To Know About shani tantra vidhi

ऐसा करके वे माता से शांति की प्रार्थना कर सकते हैं.

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

यह समय साधक को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है।

अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर here करती हैं।

ॐ नमो काली कंकाली महाकाली मुख सुन्दर जिह्वा वाली,

According to Eliminating Black Magic, using this type of sadhana, the seeker can shield himself and his relatives from evil eyes, tantric obstacles, misfortune, and enemy defects. The sadhana of these 9 days purifies the soul, cuts off previous sins and karmic bonds, and sales opportunities the individual to new auspicious prospects in life.

इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें। 

चार वीर भैरों चौरासी, चार बत्ती पूजूं पान ए मिठाई,

कलश के ऊपर नारियल रखें। नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर कलावा से बांधें।

कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।

* हर तरह की बुरी आत्माओं से माता काली रक्षा करती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *